तुम मेरा जवाब बन जाओ
जो मेरी खामोशी को सुन पाओ, जो मेरी बैचेनियों का जवाब बन जाओ। जो मुस्कराते होंठो, खिलखिलाती हँसी में छुपी उदासी भाँप जाओ और जो शरारती, चंचल आंखों में छुपी नमी और आँसू की बूंदे तुम्हे दिख जाएं , जो समझ जाओ कि जरूरी हो तुम मेरे लिए। जो समझ जाओ कि ढेर सारी बातें करनी है तुमसे। कुछ अपनी, कुछ मेरे सपनों की, कुछ मेरी भावनाएं और कुछ यूँही हाथ पकड़ कर साथ घूमते हुए बातें। मैं बताऊँ तुम्हे कि हाँ डर भी लगता है बिना तुम्हारे अकेले रहने में, भले ही बनी रहूं मैं मजबूत पहाड़ सी। मैं बताऊँ तुम्हें की मुझे खिलना है फूल सा तुम्हारे साथ, मुझे मुरझाया हुआ सिकुड़ा सा फूल नही बनना। मुझे निखरना है अभी भी बहुत, तेरे साथ जीवन मे आगे बढ़ते हुए कि अभी तो कई चीजें सीखनी बाकी हैं मुझे। तुम समझ जाओ जब कहूँ कि सब बढ़िया है, मैं देख लुंगी तो दिल चाहता है कि तुम साथ मे रहो, बड़ी से बड़ी परेशानी से मुझे फर्क नही पड़ता, मैं झेल लुंगी। मैं मजबूत बहुत हूँ स्वयं में ही, हर चीज अच्छी कर सकती हूँ, बस साथ तुम्हारा, प्यार तुम्हारा, विश्वास तुम्हारा, मेरे खुद पर यकीन को और बढ़ा देता है कुछ भी हो सामने प्रश्न मेरे...